
आधुनिक टेक्सटाइल कोटिंग में उचित तापमान प्राप्त करना जब किसी टेक्सटाइल कोटिंग को सूखाया जाता है, तो बस उस पर ऊष्मा लगाकर ही काम नहीं चलेगा। ऐसा करने से या तो कपड़ा जल जाएगा, या फिर कोटिंग ही ठीक से सूख नहीं पाएगी। यह एक संतुलन का काम है। टेक्सटाइल 4.0 के युग में, हम अब बड़े “हॉट बॉक्स”ों पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि सटीक तरंगदैर्घ्य वाले आईआर उत्सर्जकों का उपयोग करते हैं। ऊष्मा-घनत्व का महत्व यदि आप उच्च-गति वाली मशीनों का उपयोग कर रहे हैं, तो शॉर्ट-वेव आईआर लैंप ही सबसे अच्छा विकल्प हैं। ये लैंप बहुत कम जगह में ही बहुत ऊर्जा पैदा करते हैं। जब आप उच्च-वॉटेज वाले लैंपों का उपयोग करते हैं, तो ऊष्मा-प्रतिक्रिया तुरंत ही हो जाती है। यह अच्छी बात है, क्योंकि इससे ओवन का आकार भी कम हो जाता है। लेकिन ध्यान रखें कि यदि आप वॉटेज बढ़ा देते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि कूलिंग फैन उस ऊष्मा को संभाल सकें। यदि मशीन का फ्रेम बहुत गर्म हो जाता है, तो कपड़ा खराब हो जाएगा। क्वार्ट्ज एवं हैलोजन का महत्व हम हैलोजन-युक्त क्वार्ट्ज ट्यूबों का उपयोग करते हैं, क्योंकि ये फिलामेंट के तापमान को स्थिर रखते हैं। इन ट्यूबों में “हैलोजन चक्र” होता है, जिससे टंगस्टन वाष्पित नहीं होता, और ट्यूब की दीवारें भी गंदी नहीं होतीं। इसी कारण ये लैंप हजारों घंटों तक बिना किसी समस्या के काम करते हैं। कोटिंग को ठीक से लगाना कपड़े के प्रकार के आधार पर, हम कभी-कभी क्वार्ट्ज पर ही कोटिंग लगाते हैं। ऐसा करने से ऊष्मा सीधे कोटिंग पर ही पड़ती है, न कि कपड़े की सतह पर। मशीन को ठीक से सेट करना हम R7s या Sk15 जैसे मानक कनेक्टरों का ही उपयोग करते हैं। क्यों? क्योंकि ये आसानी से उपयोग में आ सकते हैं। इन्हें कुछ ही मिनटों में ही जोड़ा जा सकता है, बिना किसी अतिरिक्त सोल्डरिंग की आवश्यकता के। रिफ्लेक्टरों की देखभाल रिफ्लेक्टरों की नियमित जाँच करें, एवं उन पर जमी धूल को साफ करें। गंदे रिफ्लेक्टरों के कारण मशीन की दक्षता कम हो जाती है, एवं लैंपों को अधिक ऊष्मा मिलती है, जिससे उनकी उम्र कम हो जाती है। यह तो बहुत ही सरल उपाय है, लेकिन इससे बहुत पैसे भी बचते हैं।