
फर्श पर, काँच को गर्म करने हेतु समय-नियंत्रण बहुत महत्वपूर्ण है। टेम्परिंग फर्नेसों को तेज़ गति से ऊष्मा प्रदान करने की आवश्यकता होती है, एवं ऐसा हर चरण में होना आवश्यक है। जब आकार जटिल होता है, तो बेंडिंग स्टेशन उस गर्मी-प्रवाह को नियंत्रित नहीं कर पाते। लैमिनेशन प्रक्रिया में, प्रेस में ठंडे हिस्से होने से काँच में बुलबुले बन जाते हैं।
जब हीटर धीरे काम करते हैं, तो प्रत्येक चक्र में कई मिनट बर्बाद हो जाते हैं। ऐसे मिनट धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं, जिससे अपशिष्ट सामग्री एवं असफल ऑर्डरों की संख्या बढ़ जाती है।
तकनीकी दृष्टि से क्या महत्वपूर्ण है?
हम नियर-इन्फ्रारेड (NIR) क्वार्ट्ज तत्वों का उपयोग करके तेज़-प्रतिक्रिया वाले इन्फ्रारेड हीटर बनाते हैं। इससे उच्च ऊर्जा-घनत्व एवं कम थर्मल जड़त्व प्राप्त होता है।
पर्यावरणीय तापमान से 650°C तक पहुँचने में 3 सेकंड से भी कम समय लगता है। सक्रिय सतह पर 45–60 वाट/सेमी² की ऊर्जा-घनत्व प्राप्त होती है। इससे काँच पर समान तापमान बना रहता है; इसलिए काँच पर कोई गर्म/ठंडे हिस्से नहीं बनते।
नियंत्रण प्रणाली इतनी तेज़ है कि तापमान-सेटिंग में परिवर्तन होने पर भी तापमान स्थिर रहता है। इससे टेम्परिंग/बेंडिंग के दौरान काँच में तनाव नहीं पड़ता, जिससे काँच टूटने से बच जाता है।
व्यवहार में यह क्यों कारगर है?
टेम्परिंग में, हीटर तेज़ी से तापमान पहुँचाता है, एवं काँच की परतों के बीच तापमान स्थिर रहता है। इससे काँच की पारदर्शिता एवं किनारों की गुणवत्ता बेहतर होती है, एवं उत्पादन गति भी बढ़ जाती है।
बेंडिंग में, समान तापमान-वितरण से काँच के किनारों पर झुकाव कम हो जाता है।
लैमिनेशन में, तेज़ प्रतिक्रिया के कारण उत्पादन समय कम हो जाता है, एवं ऊर्जा-खपत भी कम रहती है। इससे असफल उत्पादों की संख्या कम हो जाती है, एवं काँच की समतलता बेहतर हो जाती है।
आवश्यक विवरण:
ये हीटर कॉम्पैक्ट होते हैं, एवं मौजूदा उपकरणों के साथ आसानी से काम करते हैं। लेकिन इनके लिए कुछ शर्तें भी हैं।
बिजली स्रोत स्वच्छ होना आवश्यक है। 230–460 वोल्ट, तीन-चरण वाली बिजली ही इनके लिए उपयुक्त है। वोल्टेज में कोई उतार-चढ़ाव नहीं होना चाहिए।
क्वार्ट्ज तत्वों के लिए पर्याप्त जगह होनी आवश्यक है। अगर जगह कम हो, तो गर्मी-प्रवाह में असमानता आ जाती है।
ये हीटर कई टेम्परिंग/लैमिनेशन उपकरणों में आसानी से इंस्टॉल किए जा सकते हैं। लेकिन इंस्टॉलेशन से पहले माउंटिंग व्यवस्था एवं टर्मिनलों की व्यवस्था की जाँच आवश्यक है।